टाइम्स नाउ मध्यप्रदेश विशेष संवादाता मनोहर अग्रवाल बेतुल:
पलास के तीन पत्ते नहीं साहब पांच पत्ते
खेड़ीसावलीगढ़ मनोहर अग्रवाल कौतूहल बना अनोखा ,दुर्लभ, पांच पत्तियों वाला ,टेसू का पेड़, आमतौर पर टेसू इसे ढांक भी कहते है इसकी शाखा में तीन तीन ही पत्तियां होती है,लोकोक्ति है ढांक के तीन पात लेकिन इस पेड़ की प्रत्येक शाखा पर पांच पांच पत्तियां है जो संकेत दे रहा है ढांक के तीन नहीं बल्कि पांच पत्ते भी होते है जानकार इसे विशेष साधना में प्रयोग करते है|
खेड़ीसावलीगढ़: आमतौर पर टेसू (ढांक) के पेड़ की प्रत्येक शाखा पर तीन-तीन पत्तियां होती हैं, जिससे जुड़ी प्रसिद्ध कहावत “ढांक के तीन पात” प्रचलित है। लेकिन मध्यप्रदेश के खेड़ीसावलीगढ़ गांव में एक अनोखा और दुर्लभ टेसू का पेड़ सामने आया है, जिसकी प्रत्येक शाखा पर पांच-पांच पत्तियां हैं।
बैतूल जिले के खेड़ीसावलीगढ़ में कौतूहल बना अनोखा ,दुर्लभ, पांच पत्तियों वाला ,टेसू का पेड़,देखे वीडियो
प्राकृतिक उत्परिवर्तन (म्यूटेशन)
यह पेड़ कौतूहल का विषय बना हुआ है, और वनस्पति विशेषज्ञ इसकी जैविक विशेषताओं की जांच कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे चमत्कारी मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे विशेष साधना और आध्यात्मिक महत्व से जोड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) या किसी विशिष्ट जैविक कारण से यह भिन्नता संभव हो सकती है। गांव के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा टेसू का पेड़ नहीं देखा। इस अनोखी विशेषता के कारण दूर-दूर से लोग इसे देखने आ रहे हैं। अगर वैज्ञानिक अध्ययन में यह दुर्लभ प्रजाति साबित होती है, तो यह वनस्पति विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण खोज हो सकती है।
फिलहाल, यह रहस्यमयी पेड़ विज्ञान और आस्था के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।