पियुष शर्मा मुलताई, – बैतूल: भीषण गर्मी में जब पीने के साफ पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब सरकारी कॉलेज मुलताई के करीब 3000 छात्र बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।

कॉलेज में लगे वाटर कूलर की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसमें मेंढकों ने डेरा जमा लिया है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्र, जो बसों से 2-3 किलोमीटर दूर उतरकर कॉलेज पहुंचते हैं, गर्मी और प्यास से बेहाल हो जाते हैं, लेकिन उन्हें शुद्ध पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा।
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गर्मी में पानी के लिए भटकते छात्र
गर्मियों के इस मौसम में तापमान लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कॉलेज में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। अधिकतर विद्यार्थी ग्रामीण इलाकों से आते हैं और लंबा सफर तय करने के बाद उन्हें कॉलेज में भी पानी के लिए भटकना पड़ता है। पानी की टंकियों की सफाई न होने के कारण उसमें कीड़े और मेंढक पनप चुके हैं, जिससे पीने का पानी पूरी तरह दूषित हो गया है।
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शिकायतों पर भी प्रशासन मौन
छात्रों का कहना है कि कई बार कॉलेज प्रशासन से इस समस्या की शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। “हम दूर-दूर से पढ़ने आते हैं, गर्मी में कई घंटे क्लास में बैठते हैं, लेकिन यहां पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिलता,” एक छात्र ने नाराजगी जताते हुए कहा।

बीमारियों का खतरा
गंदे पानी के कारण टाइफाइड, उल्टी-दस्त, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे पानी का सेवन छात्रों की सेहत पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
कब जागेगा प्रशासन?
अब सवाल यह उठता है कि क्या कॉलेज प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा या छात्र ऐसे ही गंदे पानी के लिए मजबूर रहेंगे? अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो छात्रों को मजबूरन विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।